हाँ, मैं उससे गुस्सा हूँ

वो पहले से जानता था,
उसे भविष्य भी पता था,
फिर भी सब होने दिया,
हाँ, मैं उससे गुस्सा हूँ।
कुछ बतला सकता था,
मुझे रोक सकता था,
मुझपे थोड़ी दया कर देता,
हाँ, मैं उससे गुस्सा हूँ।
कहलाता है सर्वज्ञानी,
बनता सबसे बलशाली,
फिर भी मुझे बचा नहीं पाया,
हाँ, मैं उससे गुस्सा हूँ।
मैं बार बार उसके द्वार गया,
सदबुद्धि के सिवा कुछ नहीं माँगा,
फिर भी उसने राह से भटकाया,
हाँ, मैं उससे गुस्सा हूँ।
हर कदम भरोसे पर बढ़ाता गया,
ज़माने से हर वक्त़ लड़ता रहा,
पर उसने ग़ैरों का ही साथ दिया,
हाँ, मैं उससे गुस्सा हूँ।
कितने ही सवाल उठे,
हर बार वो मौन रहा,
जो सहारा था, वो भी छीन लिया,
हाँ, मैं उससे गुस्सा हूँ।
अब विश्वास कम हो रहा,
मैंने सम्भालना सीख लिया,
ना मांगूंगा उससे अब कुछ,
हाँ, मैं उससे गुस्सा हूँ।
धन्यावाद,
Ayush P Gupta
06 Aug 2026