चलो छत पे चलें

आओ चलो, छत पे चलें,
चाँदनी रात में, एक खाट पे लेटें,
अगर हमे ठंडक लगी तो,
सितारों की चादर ओढ़ लेंगे,
थोड़ी सी बातें भी करेंगे,
चाँद पे शायरी भी लिखेंगे,
कुछ ग़ज़ल भी सुनेंगे,
थोड़े ख्वाब भी देखेंगे,
ख़ुशियाँ भी सुनायेंगे
कुछ ग़म भी सुनेंगे,
किससे भी ब्यान करेंगे,
हसी मजाक भी करेंगे,
थोड़ा सा छेड़ेंगे भी,
थोड़ा कंधा भी देंगे,
हाँ खामोश भी हो जाएंगे,
हाँ थोड़ा आहें भी भरेंगे,
कुछ देर तुम्हें देखेंगे, l
कुछ देर तारों को,
और शायद,
सुबह की पहली किरण के साथ,
बिखरे हुए कुछ मंसूबे भी बटोरेंगे ।
Ayush P Gupta
03 July 2026