चल आजा चाय पीने चलते हैं
बड़े दिनों बाद दिखाई दिया,
लगता ज्यादा बड़ा आदमी हो गया,
कुछ वक्त़ निकाल हमारे लिए भी,
मत भाग ज्यादा पैसो के पीछे भी,
चल आजा चाय पीने चलते हैं।
क्यों खड़ा परेशान हो रहा है,
काफी थका थका सा लग रहा है,
है कोई परेशानी तो मुझे बता दे,
सुना दे जो भीतर दबाए जा रहा,
चल आजा चाय पीने चलते हैं।
जो चला गया उसे जाने दे,
भविष्य की चिंता इस वक्त छोड़ दे,
सब कुछ हम इंसानो के बस में नहीं,
कुछ ऊपर वाले पर भी तो छोड़ दे,
चल आजा चाय पीने चलते हैं।
माना की सब पीछे छूट रहे,
कुछ अपने पराये से लग रहे,
तू निराश ना होकर बैठ उदास,
उठ खड़ा हो चल मेरे साथ,
चल आजा चाय पीने चलते हैं।
हाँ माना काफी गलतियाँ हुई,
कुछ छोटी और कुछ बहुत बड़ी,
हटा दे हर बोझ अपने दिल से,
मत कर अफसोस उस बीते कल से,
चल आजा चाय पीने चलते हैं।
जब तक हूँ साथ मना मत कर,
जिंदगी छोटी है, ऐसे चिल्लाया ना कर,
तुझे लगा मैं चाय के लिए बुला रहा,
पागल, तेरे को साथ बैठने को बुला रहा,
चल आजा चाय पीने चलते हैं।
धन्यवाद,
Ayush P Gupta
14 Aug 2026